उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्र अपने मानदेय में वृद्धि और अन्य समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर लगातार प्रयासरत हैं। वर्षों से शिक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा बने शिक्षामित्रों का कहना है कि उन्हें अपेक्षित वेतन और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
शिक्षामित्रों की समस्याओं को लेकर शिक्षामित्र संघ ने MLC श्रीचंद शर्मा से मुलाकात कर सरकार के साथ सामंजस्य बनाने का प्रयास किया है। शिक्षामित्रों का कहना है कि पहले उनकी समस्याओं को विपक्ष के नेता उठाते थे, लेकिन अब सत्ता पक्ष के विधायक और MLC भी उनकी मांगों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचा रहे हैं। हाल ही में श्रीचंद शर्मा ने भी मुख्यमंत्री से मिलकर शिक्षामित्रों के मुद्दों पर चर्चा की थी। हालांकि, अब तक मानदेय वृद्धि को लेकर कोई ठोस फैसला नहीं हो पाया है।
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शिक्षामित्र ने सोशल मीडिया पर उठाई आवाज
बीते दिनों एक शिक्षामित्र ने श्रीचंद शर्मा के सोशल मीडिया पोस्ट पर कमेंट कर मानदेय वृद्धि को लेकर सवाल किया। शिक्षामित्र ने लिखा कि 1,47,000 शिक्षामित्रों में मात्र 30-40 लोग ही विपक्ष के साथ हैं, जबकि बाकी सभी सरकार के प्रति निष्ठावान हैं। ऐसे में कुछ लोगों की वजह से पूरे समुदाय को मानदेय से वंचित रखना उचित नहीं है। उन्होंने आग्रह किया कि सरकार जल्द से जल्द मानदेय वृद्धि का निर्णय ले ताकि शिक्षामित्र पूरी निष्ठा से सरकार का समर्थन कर सकें।
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MLC श्रीचंद शर्मा का भरोसा
शिक्षामित्र के इस कमेंट का जवाब देते हुए MLC श्रीचंद शर्मा ने भरोसा दिलाया और कहा, "आप निश्चिन्त रहें! मानदेय अवश्य बढ़ेगा।"
शिक्षामित्रों को अब सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय की उम्मीद है ताकि वे न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें, बल्कि पूरे मनोबल के साथ प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में अपना योगदान दे सकें।