लखनऊ: प्रदेश के शिक्षामित्र लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर संघर्षरत हैं। समायोजन रद्द होने के बाद से वे स्थायी रोजगार और आर्थिक सुरक्षा के लिए लगातार सरकार से मांग कर रहे हैं। शिक्षामित्रों का कहना है कि वे सालों से प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ा रहे हैं, लेकिन उचित वेतन और स्थायित्व न मिलने से उनका भविष्य अंधकार में है। इस संबंध में कई बार धरना-प्रदर्शन और वार्ताएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
इन्हीं समस्याओं के निवारण के लिए आदर्श समायोजित शिक्षक शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान से मुलाकात की। मुलाकात के बाद प्रदेश महामंत्री (कार्यवाहक) उमेश कुमार पांडेय ने बताया कि श्री चौहान शिक्षामित्रों के समर्थन में लगातार प्रयासरत हैं और उनकी समस्याओं को लेकर सरकार से पैरवी कर रहे हैं।
ये भी पढ़ें: शिक्षा मित्रों के मानदेय में देरी, सात बीईओ को कारण बताओ नोटिस
उमेश कुमार पांडेय ने जानकारी दी कि इस मुलाकात के दौरान आदरणीय एमएलसी साहब ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शिक्षामित्रों की समस्याओं के समाधान को लेकर सैद्धांतिक रूप से सहमत हो चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश भी दे दिए हैं। पूरी तैयारी हो चुकी है और मुख्यमंत्री कभी भी इस संबंध में घोषणा कर सकते हैं।
ये भी पढ़ें: शिक्षामित्रों के मानदेय बढ़ाने के सवाल पर MLC श्रीचंद शर्मा ने क्या कहा?
साथ ही, श्री चौहान ने शिक्षामित्रों से धैर्य बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि बनते-बिगड़ते राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए सभी को सतर्क रहना चाहिए और सोशल मीडिया पर संयम रखना आवश्यक है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही शिक्षामित्रों के संकट का समाधान हो जाएगा।
ये भी पढ़ें: यूपी में शिक्षामित्रों की संख्या घटी: 11 साल में 1.78 लाख से 1.42 लाख हुए, जानिए 35 हज़ार कहां गए?
इस अवसर पर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष राम सागर गौतम समेत अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।