फर्जी दस्तावेजों से बाल्य देखभाल अवकाश लेने का मामला, दो शिक्षिकाओं व खंड शिक्षा अधिकारियों को नोटिस


Bijnor: सरकारी विद्यालयों में फर्जी दस्तावेजों के सहारे बाल्य देखभाल अवकाश लेने के मामले सामने आए हैं। इसको लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) योगेंद्र कुमार ने दो शिक्षिकाओं और संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।

जानकारी के अनुसार, विकासखंड अल्हैपुर के प्राथमिक विद्यालय अजीतपुर दासी की शिक्षिका श्वेता चौहान और विकासखंड कोतवाली के प्राथमिक विद्यालय अलीपुरा जट की शिक्षिका मंजरी ने बाल्य देखभाल अवकाश के लिए अपने चिकित्सा प्रमाण पत्र की तारीखों में ओवरराइटिंग कर आवेदन किया था। यह आवेदन खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को अग्रसारित कर दिया गया।

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मामले को गंभीरता से लेते हुए बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी अल्हैपुर दिनेश कुमार और खंड शिक्षा अधिकारी कोतवाली इंद्रजीत सिंह से भी स्पष्टीकरण मांगा है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि नोटिस प्राप्त होते ही तत्काल जवाब प्रस्तुत करें, अन्यथा उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी। दोनों शिक्षिकाओं को भी तलब किया गया है और स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है।


गौरतलब है कि बाल्य देखभाल अवकाश महिला शिक्षिकाओं को 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की परीक्षाओं या बीमारी के दौरान देखभाल के लिए दिया जाता है। लेकिन इस अवकाश का दुरुपयोग करने के मामले बढ़ते जा रहे हैं, जिससे शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।

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बीएसए का बयान

"बाल्य देखभाल अवकाश के लिए ओवरराइटिंग कर फर्जी तरीके से आवेदन करने पर ब्लॉक अल्हैपुर के प्राथमिक विद्यालय अजीतपुर दासी की शिक्षिका श्वेता चौहान और विकासखंड कोतवाली के प्राथमिक विद्यालय अलीपुरा जट की शिक्षिका मंजरी सहित दोनों ब्लॉकों के खंड शिक्षा अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। स्पष्टीकरण न देने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति उच्चाधिकारियों को कर दी जाएगी।"

योगेंद्र कुमार, बीएसए बिजनौर


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