नियोजित शिक्षकों को लेकर CM नीतीश का बड़ा ऐलान, अब 86 हजार...



पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को गांधी मैदान में 10,000 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षा में सफल 51,389 शिक्षकों को राज्य के विभिन्न जिलों में नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के बाद राज्य में सरकारी शिक्षकों की कुल संख्या 5,65,427 हो गई है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, शिक्षा मंत्री सुनील कुमार सहित कई मंत्री व अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से बच्चों को बेहतर शिक्षा देने की अपील की और कहा कि शिक्षा में किसी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए।

ये भी पढ़ें: बिहार में 42,918 हेडमास्टर परीक्षा में सफल: नीतीश कुमार, जानें कब मिलेगा नियुक्ति पत्र 


शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी

मुख्यमंत्री ने बिहार लोक सेवा आयोग और शिक्षा विभाग को समय पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार हर साल बजट का करीब 22 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च करती है और इसे और बढ़ाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पहले शिक्षकों की भारी कमी थी, इसलिए 2006-07 में पंचायत व नगर निकायों के माध्यम से 3.68 लाख नियोजित शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। इनमें से 28,000 नियोजित शिक्षक बीपीएससी की परीक्षा पास कर सरकारी शिक्षक बन गए हैं।

ये भी पढ़ें: ट्रांसफर, पोस्टिंग और प्रतिनियुक्ति में नहीं होगी गड़बड़ी, शिक्षा विभाग ने बनाया सख्त प्लान; DEO को मिली नई जिम्मेदारी 


नियोजित शिक्षकों को पांच मौके

राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि शेष 3.40 लाख नियोजित शिक्षकों को बीपीएससी परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्हें सरकारी शिक्षक बनने के लिए विशेष सक्षमता परीक्षा के पांच अवसर दिए जाएंगे।

अब तक दो लाख शिक्षकों के लिए सक्षमता परीक्षा आयोजित की जा चुकी है। पहले चरण में 1.87 लाख शिक्षक सफल हुए, जबकि दूसरे चरण में 66,143 शिक्षक उत्तीर्ण हुए। अब 86,039 नियोजित शिक्षकों को तीन और मौके दिए जाएंगे।

ये भी पढ़ें: शिक्षकों की मनचाही पोस्टिंग और ट्रांसफर को लेकर शिक्षा मंत्री ने किया बड़ा ऐलान

शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शुरू से ही शिक्षा के उत्थान के लिए काम कर रही है। स्कूलों की संख्या बढ़ाने के साथ ही कक्षाओं का विस्तार किया गया है। सभी पंचायतों में उच्च माध्यमिक विद्यालय खोले गए हैं।

बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 2006-07 में पोशाक योजना और 2008 में नौवीं कक्षा की छात्राओं के लिए साइकिल योजना शुरू की गई थी। 2010 में यह योजना लड़कों के लिए भी लागू की गई।

अब स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं को 50,000 रुपये और 12वीं पास करने पर 25,000 रुपये की सहायता दी जा रही है, जिससे शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ी है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त प्रत्यय अमृत, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार और शिक्षा विभाग के सचिव अजय यादव भी उपस्थित थे।

Post a Comment

Previous Post Next Post