बजट से SC/ST समुदाय की 5 लाख महिलाओं के लिए बड़ी सौगात! पहली बार कारोबार शुरू करने वालों को मिलेगा लाभ



नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में लगातार आठवीं बार केंद्रीय बजट पेश किया। बजट भाषण के दौरान उन्होंने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की 5 लाख महिलाओं के लिए एक विशेष योजना की घोषणा की। इस योजना का उद्देश्य पहली बार उद्यमी बनने वाली महिलाओं को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और मेंटरशिप प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।


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महिला उद्यमियों को मिलेगा आर्थिक सहयोग

इस योजना के तहत महिलाओं को बिना गारंटी के आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे अपने छोटे और मध्यम स्तर के व्यवसाय शुरू कर सकें। सरकार की इस योजना के तहत महिलाओं को 5 साल के लिए 2 करोड़ रुपए तक की टर्म लोन सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा, उन्हें डिजिटल ट्रेनिंग, मार्केटिंग सपोर्ट और सरकारी योजनाओं से जोड़ने की सुविधा भी दी जाएगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि यह योजना न केवल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देगी, बल्कि सामाजिक और आर्थिक समानता को भी सुनिश्चित करेगी। सरकार चाहती है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रहने वाली अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनें और अपनी व्यावसायिक क्षमताओं को विकसित कर सकें।


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बजट 2025 के बड़े ऐलान

इस बार के बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं, जिनमें कृषि, स्टार्टअप्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मेडिकल शिक्षा को लेकर बड़े फैसले शामिल हैं।

  • कृषि क्षेत्र: अगले 6 साल में मसूर, तुअर जैसी दालों की पैदावार बढ़ाने पर फोकस।
  • कपास उत्पादन: देश के कपड़ा उद्योग को मजबूत बनाने के लिए 5 साल का मिशन।
  • किसानों के लिए राहत: किसान क्रेडिट कार्ड पर कर्ज की सीमा 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख की गई।
  • बिहार के किसानों को लाभ: बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापना, जिससे छोटे किसानों और व्यापारियों को फायदा होगा।
  • स्टार्टअप्स के लिए प्रोत्साहन: स्टार्टअप के लिए लोन की सीमा 10 करोड़ से बढ़ाकर 20 करोड़ की गई, गारंटी फीस में भी कमी।
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: AI के लिए 500 करोड़ रुपए का एक्सीलेंस फंड।
  • मेडिकल शिक्षा: अगले 5 साल में मेडिकल एजुकेशन में 75,000 सीटें बढ़ाने का ऐलान। 

विपक्ष का विरोध और हंगामा

लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने महाकुंभ भगदड़ पर चर्चा को लेकर हंगामा किया। हालांकि, कुछ देर बाद विपक्षी दलों के सदस्य सदन में वापस लौट आए और बजट सत्र जारी रहा।

सरकार के अनुसार, यह बजट देश के आर्थिक विकास को तेज करने और विभिन्न वर्गों के लोगों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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