नई दिल्ली: मोदी सरकार ने गुरुवार को केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने 8वें वेतन आयोग को मंजूरी दे दी है, जिससे लाखों सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा इजाफा होने का रास्ता साफ हो गया है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने तय समय से पहले ही 8वें वेतन आयोग को मंजूरी दे दी है। 2016 में लागू हुए 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 2026 तक था, लेकिन सरकार ने कर्मचारियों की मांगों को देखते हुए इसे एक साल पहले ही बदलने का फैसला किया।
वेतन आयोग का महत्व
वेतन आयोग का गठन हर 10 साल में किया जाता है। इसका उद्देश्य केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन व पेंशन में महंगाई और अन्य कारकों को ध्यान में रखते हुए संशोधन करना है। 7वें वेतन आयोग का गठन 2014 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार के दौरान हुआ था और 2016 में इसे लागू किया गया था।
सरकारी कर्मचारियों की लंबे समय से थी मांग
कई सालों से सरकारी कर्मचारी 8वें वेतन आयोग के गठन की मांग कर रहे थे।
हाल ही में ऑल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट एम्प्लॉय फेडरेशन और नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड) ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी ने सरकार पर इस मुद्दे पर दबाव बनाया था।
देशभर में खुशी की लहर
इस फैसले के बाद केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। अब उनके वेतन और पेंशन में महंगाई भत्ते समेत कई अन्य भत्तों के आधार पर बड़ा संशोधन किया जाएगा।
क्या होगा फायदा?
8वें वेतन आयोग के लागू होने से केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा इजाफा होगा। साथ ही रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन भी बढ़ाई जाएगी। इससे लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
सरकार का यह फैसला न केवल सरकारी कर्मचारियों बल्कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है।