सचिव ने अपने पत्र में हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए निर्देश दिया कि यह जानकारी तत्काल उपलब्ध कराई जाए। यह कदम उन शिक्षकों पर कार्रवाई के उद्देश्य से उठाया गया है जो लगातार अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि रिपोर्ट तैयार करते समय सटीकता का विशेष ध्यान रखा जाए।
यदि किसी बीएसए द्वारा समय पर जानकारी नहीं भेजी गई, तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है। सरकार की इस सख्ती से शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। अनुपस्थित शिक्षकों पर कार्रवाई से परिषदीय विद्यालयों में उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होने की संभावना है।